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TARA YANTRA

TARA YANTRA: For eloquence and wealth

Goddess Tara is most compassionate Goddess. She is known as Tara because of her tendency to free her devotees from sins and problems. In the Hindu mythology she occupies second place of the ten mahavidyas. She is also known as Ekjata. She has one other name Vasishtaradhita Tara because she was worshipped by sage Vasishtha. Vashishtha, Vishwamitra, Ravana and Gorakhnatha have accepted the greatness of Tara. It was because of blessing of Tara that Kuber could become Lord of wealth. Devotees also call her Neel Saraswati(Blue Saraswati) because of her quality to confer eloquence and excellent communication skills and also unlimited knowledge to her devotees. Purifying and transformational energy of Goddess Tara can cut through ignorance and limited consciousness. All of a sudden she relieves you from your serious problems.

Tara Yantra can be worshipped

1.       For getting protection.

2.       For speaking power.

3.       For emancipation.

4.       For getting auspicious favour of Jupiter.

5.       Kings worship this Yantra to get victory.

6.       For overcoming and trancending troubles.

Ma Tara sadhna protects a person from the following

1.       Planetary positions forming a markesha yoga.

2.       Enormous debt that pushes a person to extreme poverty.

3.       Obstacles in functioning of business etc.

4.       Lack of success and loses consistently in education & career.

5.       Obstruction in promotion and destruction of career.

6.       Social, financial and physical instance of misfortune.

7.       Unnecessary and unforeseen trouble resulting from an unfortunate event.

8.    From bad influence of planet Jupiter.

Mantra: "ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट्"

Astro Sandesh

26 अगस्त 2018 आज श्रावण महीने के शुक्लपक्ष की पूर्णिमा तिथि, धनिष्ठा नक्षत्र, अतिगंड योग, बव करण और दिन रविवार है । आज श्रावण पूर्णिमा, गायत्री जयंती, हयग्रीव जयंती, ऋषि तर्पण एवं रक्षाबंधन (राखी) है I आज श्रावण पूर्णिमा  और रक्षा बन्धन है रक्षाबंधन का श्रेष्ठतम मुहूर्त रक्षा बन्धन अनुष्ठान का समय = 06:02 to 17:25 Duration = 11 Hours 23 Mins रक्षा बन्धन के लिये अपराह्न का मुहूर्त = 13:41 to 16:15 Duration = 2 Hours 33 Mins आज के दिन पंचामृत (सब अलग-अलग) दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से भगवान् शिव का अभिषेक करें उसके बाद शुद्ध जल से स्नान करायें फिर 5 अलग-अलग फल अर्पित करके 108 बार “ॐ नमः शिवाय” मन्त्र का जाप करें इससे श्रावण मॉस में किये गए रोज के अभिषेक, पूजा आदि का पूर्ण फल आपको प्राप्त होगा और भगवान् भोलेनाथ की कृपा आप पर श्रावण मास के वर्षाजल की भांति बरसेगी I आज रक्षाबंधन है, भगवान् भोलेनाथ को राखी समर्पित करें I मधुसूदन परिवार की ओर से हम ये दुआ करते हैं की आपको बताई गयी रोज की पूजा विधि से भगवान् भोलेनाथ की कृपा आने वाले अगले श्रावण मास तक आप पर बनी रहे और आपको जीवन में सुख- समृद्धि, बरकत, उत्तम स्वास्थ्य और सौभाग्य की प्राप्ति हो I ...

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आपके आज को श्रेष्ठ बनाने की पूजा विधि

15 अगस्त 2018 आज श्रावण महीने के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि, हस्त नक्षत्र, साध्य योग, बव करण और दिन बुधवार है । आज नाग पंचमी, सर्वार्थ सिद्ध योग एवं भारत स्वतंत्रता दिवस (72वां) है I आज नाग पंचमी है I आज के दिन शुद्ध आटे के नाग- नागिन बनाकर दूध, दूर्वा, कुशा, पुष्प, अक्षत (चावल), शक्कर, मीठा चढ़ाकर भगवान् शिव पर अर्पित करें और सर्पसूत्र का पाठ करें I यदि किसी कारण सर्पसूत्र का पाठ न कर सकें तो इस मन्त्र का जाप अवश्य करें I “ॐ कपिला कालियोSनन्तो वासुकिः तक्षकः तथा I पंचैतान् स्मरतो नित्यं विषबाधा न जायते” II ऐसा करने से आपके प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष शत्रुओं का नाश होगा I ...

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